June 22, 2016
0
देखी जो नब्ज़ मेरी तो हँस कर बोला हक़ीम
जा दीदार कर उसका जो तेरे हर मर्ज की दवा है

कोई नामुमकिन सी बात मुमकिन करके दिखा.
खुद पहचान लेगा जमाना तुझे..... तू भीड़ में भी अलग चल कर दिखा…

ज़िंदगी की उम्र कुछ कम हो रही थी
वो साँसे दे गयी फिर से मेरे दर्द को !!

0 comments:

Post a Comment