June 11, 2017
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Attitude Status June 2017 - Tera Didaar

नीलाम कुछ इस कदर हुए, बाज़ार-ए-वफ़ा में हम आज,, बोली लगाने वाले भी वो ही थे, जो कभी झोली फैला कर माँगा करते थे!!

तेरे दीदार की तलाश में आते है तेरी गलियों में वरना आवारगी के लिए पूरा शहर पड़ा हे ।

 मिल सके आसानी से… उसकी ख्वाहिश किसे है? जिद्द तो उसकी है… जो मुकद्दर में लिखा ही नही है…!!!

आज़ाद कर दूंगा तुमको अपनी मुहब्बत की क़ैद से , करे जो हमसे बेहतर तुम्हारी क़दर पहले वो शख्स तो ढूँढो!!!

नहीं मिलेगा तुझे कोई हम सा, जा इजाजत है ज़माना आजमा ले !! 


Attitude Status June 2017 - Tera Didaar


अपनी मर्जी से तो मुझे खाक भी मंजूर है… तेरी शर्तो पर तो ताज भी मंजूर नहीं…!!!

दुआओ को भी अजीब इश्क है मुझसे… वो कबूल तक नहीं होती मुझसे जुदा होने के डर से …!!!

संघर्षो में यदि कटता है तो कट जाए सारा जीवन..!! कदम-कदम पर समझौता मेरे बस की बात नहीं….!!!!

जुक के बात करने की आदत बना ले , काफी फायेदे में रहोगे ; क्युकी …. आज भी आँखे मिला कर बात करने की तेरी औकात नही हे ।।

बात मुक्कदर पे आ के रुकी है वर्ना, कोई कसर तो न छोड़ी थी तुझे चाहने में !!

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